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  • कविता शीर्षक- मेरे माटी मेरा देश

    देश हमारा स्वर्ग से सुन्दर, इसका मनमोहक, शुभ वेश।झीलें, नदियाँ, पर्वत, झरने, छटा प्राकृतिक हरती क्लेश।।इसके जैसा कोई नहीं है,…

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  • एक स्पेशल चाय

    ,एक स्पेशल चाय,चलो फिर हो ही जाए,निर्जीवता को तज कर,हो लिया जीवंत ही जाए।। सांवरी की नखरे देखेवश मे किए…

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  • विपदाओं के चक्रव्यूह

    बाधाएं तो आतीं हैं, औआगे भी आएंगी !अविचल बढ़ो मार्ग पर अपने,खुद ही मिट जाएंगी !! विकट समस्याओं के सम्मुख,तुम…

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  • तत्वबोध

    संकल्प-विकल्पात्मकं मनः निश्चयात्मिका बुद्धि: अहंकर्ता – अहंकार , चिन्तनकर्तृ चित्तम् ।मनसो देवता चन्द्रमा , बुद्धिर्ब्रह्मा , अहंकारस्य रुद्र , चित्तस्य…

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  • शुभ प्रभात अलबेला

    नीले-नीले आसमान तले,तारों का है प्यारा बसेरा,टिम-टिमाते, जगमगातेजैसे सपना हो सुनहरा। दूर कहीं अम्बर की गोदी में,चाँद का छोटा-सा डेरा,रोशनी…

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  • ख्वाब पलते थे मन में,

    ख्वाब पलते थे मन में,अलग थे वह जमाने।रात को जब तकिये पर सर होताऔर जिस्म बिस्तर पर होता,मेरे सपने जागते,खिड़की…

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  • कमीज की बटन (व्यंग्य)

    घटना बहुत पुरानी नही ,पर बात कुछ यूॅ हैं कि, मेरी नई नई जॉब लगी थी।सुबह ऑफिस जल्दी तैयार होकर…

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  • हो अगर सरस विचार, जानों पावन हैं उद्गार

    हो यदि सरस विचार विमल तो, होंगे ही उद्गार सुनो।मानवता उर सतत् बहेगी, इसमें सबका हित यही चुनो।।गंगा सी हो…

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  • सतरंगी

    यह दुनिया!!चार दिनों का मेला,यहां मानुष अकेला।सुख के सब साथी,दुख निपट अकेला।घी चुपड़ी रोटी के चार निवाले,सब होते हैं खाने…

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  • डॉ. ललिता जी से साक्षात्कार

    नमस्कार, आपका स्वागत है। सबसे पहले अपना नाम, जन्मतिथि और जन्मस्थान बताइए। डॉ. ललिता: मेरा नाम अणुव्रतसेवी प्रो. डॉ. ललिता…

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