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आकाश वृति का मर्यादित स्वरूप
‘कर्म प्रधान विश्व करि राखा ।जो जस करइ सो तस फल चाखा ।। शुक्ल, मिश्र, त्रिपाठी, पांडेय, दीक्षित, सारस्वत, नौटियाल,…
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ईशावास्योपनिषद् – श्लोक ८
सम्बन्ध— इस प्रकार इस परम प्रभु परमेश्वर को तत्व से जानने का तथा सर्वत्र देखने का फल बतलाते हैं —स…
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व्यवहार रोजगार की पहली प्राथमिकता: चंद्रकांति नागे
हिमांशु ब्यूटी पार्लर चारामा में हुआ विदाई समारोह का आयोजन बच्चों को प्रमाण पत्र वितरित किये गये चारामा, कांकेर। हिमांशु…
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ईशावास्योपनिषद्
सम्बन्ध— अब अगले दो मंत्रों श्लोक ६ एवं श्लोक ७ में इन परब्रह्म परमेश्वर को जानने वाले महापुरुष की स्थिति…
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बढ़ती गर्मी के प्रकोप से बचाव व सावधानियाँ
गर्मी अपने प्रचण्ड रूप में पहुँच चुकी है, नौतपा 25 मई से शुरू है मृगशिरा नक्षत्र भी लग रहा है।…
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क्या सच मे वह कोई कली सी थी
क्या सच मे वह कोई कली सी थी,गर हाँ तो फिर वह प्रसून क्यूं न भई,कोमल पंखुरी थी गर वो…
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सोने की चिड़िया फिर से उड़ने लगी है पर रोकना कौन चाहता है?
हमने किताबों में पढ़ा कि भारत कभी सोने की चिड़ीया था। बचपन में जब ये पंक्तियाँ दोहराते थे, तब नहीं…
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लखनऊ निवासी डॉ. कर्नल आदि शंकर मिश्र ‘आदित्य’ को वाराणसी में आयोजित ‘शिवमय गंगोत्सव’ में आपरेशन सिन्दूर काव्य संगम में मुंशी प्रेमचन्द स्मृति सम्मान -2025
भारतीय सेना से सेवानिवृत एवं हिन्दी साहित्य के लिए सदैव तत्पर रहने वाले लखनऊ के सरल हृदय मृदुभाषी डॉ. कर्नल…
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ईशावास्योपनिषद्
।। श्लोक ३ ।।असुर्या नाम ते लोका अन्धेन तमसाऽऽवृता: ।तान्’स्ते प्रेत्याभिगच्छन्ति ये के चात्महनो जना: ।।व्याख्या— मानव शरीर अन्य सभी…
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