
विधा कविता
जवान हो या बच्चा आईसक्रीम तो हर किसीको चाहिए होता है,
सिर्फ खुशियों के माहौल में ही आईसक्रीम परोसा जाता है।
क्योंकि अगर बच्चे रोतें हैं तो आईसक्रीम देकर उसे भुलाया जाता है।
क्योंकि आईसक्रीम खाना खाने के बाद भी खाया जाता है।
और खाना न खाने के बाद भी आईसक्रीम खाया जाता है।
क्योंकि आईसक्रीम तो आईसक्रीम होता है हर किसी को भाता है,
बूढ़े जवान और बच्चे को तो सबसे ज़्यादा आईसक्रीम भाता है।
क्योंकि आईसक्रीम तो आज कल हर तरह फ्लेवर में आता है,
स्टोबरी अमरूद चौकलेट न जाने कितने फ्लेवर में आता है।
इस लिए तो आज कल आईसक्रीम खाने में बहुत स्वादिष्ट लगता है,
भले ही सर्दी जुकाम और बुखार लगे वो तो बाद में देखा जाएगा।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,











