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गंगा दशहरा
धरती पर जब पाप बढ़े, मन जब हो लाचार,तब माँ गंगा बनकर आईं, लेकर निर्मल प्यार। हिमगिरि की गोदी से…
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इंतजार में
मैं पतझड़ सा सुना सुना,हरियाली के इंतज़ार में।झेल रहा हूँ तापों को,शीतलता के ख़याल में। जब पतझड़ बीत जाएगी,धरती मुस्कुरायेगी।सूखी…
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गंगा अवतरण
हिमालय की गोद से उतरी,ममता बनकर बहती हो माँ।हर पाप हर लेती पल में,जीवन में उजियारा भरती हो माँ।। एक…
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मोक्ष दायिनी गौ,गीता और गंगा मैया
गौ गीता और गंगा मैया,हमारी संस्कृति की है जाँ।पूजनीय है तीनों शुभकर,हिंदू धर्म की ये पहचान।। गौ को हम सब…
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गंगा दशहरा के पावन अवसर पर भारत विकास परिषद समर्पण शाखा के तत्वावधान में नि:शुल्क शरबत वितरण का आयोजन।
भगवान दास शर्मा “प्रशांत”इटावा संवाददाता भारत विकास परिषद की समर्पण शाखा के बैनर तले शहर जसवंतनगर में आज सोमवार को…
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दिलों के रिश्ते
विधा : पद्य मन के रिश्ते बहुत मिलते ,दिल के रिश्ते मिलते कम ।मन के रिश्ते क्षीण हैं होते ,दिल…
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बिखरे बिखरे से इशारे
नभ मंडल के ये तारे ,शशि संग जब हारे ।जा रही निशा अब ये ,भोर मुर्गा बाॅंग मारे ।।छिपकर ईश…
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कविता
हमसफ़र कभी सिर्फ अमीर मत सुनना,बल्कि ऐसा इंसान चुननाजिसका दिल साफ होजो आप को समझ सके,आप का ख्याल रखें,आपकी इज्जत…
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ए जिंदगी बता तू क्या छिपा रही है
ए जिंदगी बता तू क्या छिपा रही हैक्या है जो बताना चाह रही हैतेरे आगोश मे ही मेरा वजूद हैफिर…
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आदमी मुर्दा बन चिता में जल रहा है
रचनाकार-सुनील कुमार खुराना नकुड़ सहारनपुर जीवन में जिसकी सांसे हो गई खत्म,आदमी मुर्दा बन चिता में जल रहा है। पास…
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