Uncategorized
-
कविता
कविता गाई नहीं जाती ,कविता तो पढ़ी जाती है ।स्वयं नहीं उभरे कविता ,कविता तो गढ़ी जाती है ।।कविता लेती…
Read More » -
हिंदी के अस्तित्व को बचाना हमारा कर्तव्य है – कवि संगम त्रिपाठी
वर्तमान समय में हिंदी भाषा की स्थिति क्या है वह सभी को पता है.....हम विश्व पटल पर हिंदी को स्थापित…
Read More » -
कामिनी नार
अरे ओ ऊपर वाले सृजनहार,रच दिया मालिक अद्भुत संसार।अजब-गजब गढ़ दी काया तैने,कंचन-कामिनी और माया तैने। दिये लंबे काले-काले बाल,लहराए…
Read More » -
नारी का श्रृंगार क्या है?
आज मैं वो सच से सबको रूबरू करवाना चाहती हूं जो मेरे विचार में मुझे खुद से सवाल करने पर…
Read More » -
गणतंत्र की गरिमा से गौरवान्वित हुई २३३वीं साप्ताहिक कल्पकथा काव्यगोष्ठी।
प्रभु श्री राधा गोपीनाथ जी महाराज की कृपा से संचालित राष्ट्र प्रथम, हिन्दी भाषा, सनातन संस्कृति, एवं सद साहित्य हेतु…
Read More » -
तेरे धर्म का मर्म -२
व्यर्थ है श्रम तेरा !वक्त पर न कोई काम आया ।क्या कभी किसी ने ये श्रम का मूल्य चुकाया ?किस…
Read More » -
तेरे धर्म का मर्म –१
कुछ लोग पैदा होते हैं —कुछ कर गुजरने के लिएवो कुछ करते ही रहते हैं —मौत आने तलक ।अफ़सोस तो…
Read More » -
व्यर्थ है श्रम तेरा !
वक्त पर न कोई काम आया ।क्या कभी किसी ने ये श्रम का मूल्य चुकाया ?किस चक्कर में–तूं ने यह…
Read More » -
कुछ लोग पैदा होते हैं
कुछ लोग पैदा होते हैं —कुछ कर गुजरने के लिएवो कुछ करते ही रहते हैं —मौत आने तलक ।अफ़सोस तो…
Read More » -
सुपर से ऊपर हो गया जबलपुर में 24 जनवरी को आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन
प्रयोजन :- कविवर आज़ाद वतन वर्मा के काव्य संग्रह ‘फूल से भारत में’ का विमोचन.संचालन/संयोजन :- श्री विनोद नयन जी…
Read More »








