
नफ़रतों के दौर में मोहब्बत का पैग़ाम बनें,
हम सब एक-दूसरे के लिए एहतराम बनें।
रिश्तों की भीड़ में जो दिलों को जोड़ दे,
ऐसी सच्ची दोस्ती का हम नाम बनें।
ग़म की धूप हो या ख़ुशियों की चाँदनी,
हर सफ़र में एक-दूसरे का मुकाम बनें।
दुआ है महफ़ूज़ रहें सभी याराने उम्र भर,
हम सबके लिए दोस्ती का इम्तिहान आसान बने।
विश्व मित्रता दिवस की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ।
“दोस्ती वह रिश्ता है जो दिलों से लिखा जाता है,
और उम्र भर मुस्कुराहटों में पढ़ा जाता है।”
श्री ठाकुर देवघर झारखण्ड













