
आज फिर एक नई सुबह ,
नवीन विचार भी होंगे !
कल का किया भी होगा,
तो आज कई सवाल भी होंगे,,,,,
आज के सारे सवालों को
क्यूँ न आज ही लिया जाए!
हल ढूंढ के उनका भी आज ,
आज ही समाधान किया जाए ,,,,,,,,
कई दिवस कल में जिया
कभी आने वाले की चिंता
कभी बीते कल का चिंतन
क्यूँ न अनसुलझे सवालों को
कल में छोड़ दिया जाए,,,,,,
आज का समस्त कार्य,
आज ही पूर्ण किया जाए
चलो आज में ही जिया जाए
संभव नहीं हो ऐसा यदि तो ,
आज ही कल के कर्म को
क्रम से लिया जाए ,,,,,,,
आने वाला हर आज भी तो ,
कल में बदल जायेगा ,
समय है निकल जाएगा
तब क्यूँ न आज को ही अपनाए,
आज की बात को क्यूँ न ,
आज ही सुना जाए ,,,,,,,,
आशी प्रतिभा
मध्य प्रदेश ग्वालियर













