
विषय- अंतराष्ट्रीय योग दिवस
विधा कविता
योग है जीवन का आधार,
इसका जीवन में है बड़ा उपकार l
हर दिन जो योग अपनाता है,
स्वस्थ व जीवन खुशियाँ ही खुशियाँ पाता है ll
प्राणायाम से शक्ति आती,
मन में शांति, बुद्धि जगाती l
सूर्य नमस्कार का है मान,
इससे बढता शरीर का समान ll
योग हमें सिखाता अनुशासन प्यारा,
दूर करे हर रोग हमारा ll
तन स्वस्थ, मन स्वस्थ हो जाए,
जीवन मंगलमय बन जाए ll
आओ मिलकर सब योग करे,
स्वस्थ जीवन की ओर बढे।
सब मिलकर योग का संदेश फैलाएँ,
भारत देश को विश्व गुरु बनाएँ ll
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम
(माध्य. शिक्षक)
शास. उच्च. माध्य. विद्या. बकोड़ी, ब्लॉक कुरई, जिला सिवनी, म. प्र.
पिन कोड 480771













