
अफवाहों का दौर चल रहा है साहेब अफवाहों से दूर रहिएगा।
क्योंकि यहाँ फंसाना सब जानते हैं लेकिन फैसला करना कोई नहीं।।
क्योंकि जीवन मिला है जीवन जीने के लिए न कि अफवाहों में उलझनें के लिए।
क्योंकि यह दुनियाँ लांपरवाहों की है न कि परवाह करने वालाें की है।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













