
नशे से सावधान रहना है शरीर अपना स्वसथ रखना है।
न दोस्तों के बहकावे में न किसी और के बहकावे में कभी आना है।।
नशा पदार्थ को तो भूल कर भी कभी न हाथ लगाना है।
भले खुशी मिले जीवन में या फिर गम मिले जीवन में।।
लेकिन दारू शराब न बीड़ी तम्बाकू का सहारा न लेना है जीवन में।
माना कि कुछ गम भुला देतें हैं माना कि कुछ दर्द मीटा देतें हैं।।
लेकिन जब नशा अपनी रंग रूप दिखाती है तब दुनियाँ से उठा देती है।
बस इतनी सी हकीकत है सब जानते हैं लेकिन मानते कोई नहीं।।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













