
परिवार, जहाँ सुख-दुख का है मिश्रण
सुना जाता है ,जहाँ सबका मन
अनुशासन का होता है,बखूबी पालन
कठोरता मे भी निकले मृदु वचन ।
संयुक्त परिवार हो या एकल परिवार
खुशियों का जहाँ बसे,संसार
काम का नही बनाये जहाँ, आधार
ऐसे ही सदस्यों से होता है,परिवार ।
कोई करे काम,कोई करे आराम
ना रहे घर मे,कोई परेशान
समय की हालात को,करे सब पहचान
ऐसे ही लोगो वाले को ,परिवार का नाम ।
वृद्र्दजनो का रखे,जहाँ ख्याल ?
छोटो को करे,ठीक से देखभाल
मन मे रखे ना कोई कटुता की भाव
ऐसा परिवार को नही होता है,अभाव ।
रिश्ते, कुटुम्ब,दोस्त सबका हो आना-जाना
रूखी-सूखी सबका,मिलजुलकर खाना
मुसीबत आये तो,एक दुजे का साथ देना
परिवार मे रहना चाहिए, ऐसी ही भावना ।
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड













