
श्री कृष्ण ने गीता जी का ज्ञान दिया
श्री कृष्ण सा सदगुरु नहीं।
जीवन को जीने कि राह सिखातें हैं
गुरु जी को समर्पित है हमारे लिए भगवान से भी पहले गुरु है।
आजकल सबको पता है स्कूल में कार्यरत शिक्षकों को अध्यापक कहतें है।
हर तरहां कि शिक्षा से कला से जीवन का निर्माण किया करें ।
अध्यात्म से, नैतिक शिक्षा से , जिम्मेदार है
पढ़ाई में भी जो पुर्ण हैं जो हमें सिखाते हैं वो गुरु या अध्यापक होतें है।
अध्यापक जीवन का मजबूत स्तंभ होतें हैं।
बच्चे देश का भविष्य हैं तो, अध्यापक बच्चों का वर्तमान होतें है।
बच्चों का समय महत्वपूर्ण हैं, इसलिए अध्यापक को समय पर आना हि पड़ता है।
बच्चों के लिए स्कूल खुला आकाश हैं तो अध्यापक शिक्षा का सूरज है।
बच्चों के लिए स्कूल एक जमीं हैं तो अध्यापक वो किसान है जो हर बीज को बोता है ।
बच्चों के अंदर ज्ञान की
हरियाली का परिवेश तैयार करता है ।
दीपक की तरहां खुद जलता है और बच्चों में ज्ञान की ज्योति जलाकर उसके जीवन में रोशनी फैलाता है ।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)













