
मै नन्हे मुन्हे खूब सूरत बालक हूं
मुझ को पढ़ने केलिए शक्ति चाहिए
इससे मेरी आशाओं सफल होते है
मैं देश केलिए सुनागरिक बनना हूँ।
मै निरंतर परिश्रम करना चाहता हूं
इसे जग में भाई चारे भाव बढ़ाता है
देश भक्ति मेरे नस नस में बहता है
लोगों के बीच जागृत लाना चाहता है।
मै बड़ों से अच्छी विषय सीखता हूं
इसे नियमों को सही पालन करता है
और संघ में कुंभावनाएं दूर करता है
एकता रहने केलिए मैं यत्न करता हू।
मै ऊँच नीच भेद मिटाना चाहता हू
नैतिक मूल्यों को पालन करता है
छुआछूत नियंत्रण करना चाहता है
मै वसुधैव कुटुंब के प्रेरणा करता हूं।
श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश













