
सफलता, असफलता से कभी रुककर बात नहीं करती,
उसे नई दुनियां जो सजानी है, उसे आपको नई ऊंचाईयों तक लेकर को जाना है,
जमीं पर मेरा कदम आगे को बढ़ गया है तो नया परिणाम को लेकर आना है ।
बता आजकल तुम्हें क्या हुआ है असफलता
कैसे हो कहां हो, क्या कर रहे हों, कहां रुके हुए हो भाई ।
असफलता से पुछा उसने , पिछले समय में जो छुट गया था,
सफलता से जो वंचित रह गए थे,
क्या असफल लोग सारे कुछ कह रहे थे।
असफलता को भूलकर तुम आगे बढ़ जाओ
सफलता
जाओ रानी सफल हुए लोगों को नई मंजिल पर पहुंचाओ ।
असफलता ने सभी असफल हुएं लोगों को सुकून दिया और कहा उसने,
तुम्हारे साथ हमेशा
मैं हुं ना परेशान ना तुम होना
असफलता से हि शुरू हुआ करती है कोई नई कहानी,
कोई नई राह,
असफल लोग हि तो है जो देश की गरिमा को बनाए रखतें हैं ।
देश कि सेवा में कई पायदानों पर से गुजर करके कई नो जवां इतिहास लिखा करते हैं।
अंधेरों में उजाला भरतें है, नया सूरज जमीन पर लाकर उम्मीदों को पूरा करने का होंसला रखते हैं।
असफलता कि मुट्ठी में होती जन्म कुंडली,सफल लोगों से आगे निकल कर आपको सम्मान देती है।
वो असफल लोग हि अग्रणियों से पहले पहुंच कर इतिहास में कई किरदार निभाया करते हैं
सैनिक,सेवक, कर्मचारी,नोकर, किसान, दास, चपरासी, मजदुर, और कई नामों से पुकारे जाने जाते हैं ।
अपना कर्तव्य बखुबी से निभाते हैं ।
हर क़दम पर इनके बिना काम नहीं चलता ,
यहि वो लोग हैं जो सेवा करते हैं।
देश गांव शहर को, स्वच्छ और सुंदर बनाते हैं।
आर्थिक आधार भी इन्हीं से मजबूत होता है
इनकी वोटिंग से सत्ताएं टिकी हुई हैं,
इन्हीं के बच्चों में हुनर छिपा हुआ होता है देश का भविष्य टिका हुआ होता है।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)













