
भव्य साहित्यिक एवं सांस्कृतिक आयोजन में पूर्णिमा सुमन के मंच संचालन ने बांधा समां
धनबाद। काला हीरा साहित्य एवं सांस्कृतिक मंच तथा नवल विहान साहित्यिक मंच के संयुक्त तत्वावधान में कम्युनिटी हॉल, कोयला नगर, धनबाद में एक भव्य कला, साहित्य एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए साहित्यकारों, कवियों एवं कलाकारों ने अपनी सशक्त प्रस्तुतियों से श्रोताओं का भरपूर मनोरंजन किया।
इस गरिमामय आयोजन में झारखंड की सुप्रसिद्ध साहित्यकार, कवयित्री एवं मंच संचालिका पूर्णिमा सुमन विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने अपने सधे हुए, प्रभावशाली एवं आकर्षक मंच संचालन से पूरे कार्यक्रम को जीवंत बनाए रखा। उनकी सहज अभिव्यक्ति, उत्कृष्ट भाषा-शैली और रचनाकारों के सारगर्भित परिचय ने श्रोताओं को आरंभ से अंत तक कार्यक्रम से जोड़े रखा।
कार्यक्रम के दौरान काला हीरा साहित्य एवं सांस्कृतिक मंच के प्रेसिडेंट एवं डायरेक्टर आदरणीय राजेन्द्र प्रसाद जी ने सभी आमंत्रित साहित्यकारों, कलाकारों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की तथा सभी प्रतिभागियों के प्रति आभार प्रकट किया। इस अवसर पर मंच की वाइस प्रेसिडेंट मिताली मुखर्जी तथा प्रभात खबर की एडिटर सत्या राज के करकमलों द्वारा उपस्थित रचनाकारों को अंग-वस्त्र, स्मृति-चिह्न (मेमोटो) एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
काव्य-पाठ के क्रम में पूर्णिमा सुमन ने अपनी चर्चित कविता “बच्चों के घायल सपनों की पीड़ा आज सुनाऊँगी” का ओजपूर्ण एवं मार्मिक पाठ किया। विद्यार्थियों के सपनों, संघर्षों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को स्वर देती उनकी इस प्रस्तुति ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कविता की संवेदनशील अभिव्यक्ति और प्रभावशाली प्रस्तुति को उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा तथा तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित साहित्यकारों, गणमान्य अतिथियों एवं श्रोताओं ने पूर्णिमा सुमन के उत्कृष्ट मंच संचालन एवं प्रभावशाली काव्य-पाठ की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं। सफल आयोजन के लिए काला हीरा साहित्य एवं सांस्कृतिक मंच तथा नवल विहान साहित्यिक मंच की सराहना की गई।













