
जैसे दिन ब दिन जन संख्या बढ़ता है
वैसे हर दिन खाने केलिए मुश्किल है
इससे हर क्षेत्र में हाहाकार मच जाता है
और भूख से लोग निरंतर मर जाता है
देखो ! तुम आगे भविष्य केलिए सोच करो।
पीने के स्वच्छ जल नहीं मिलते है
इससे लोग प्यास बुझाने के लड़ते है
नित बीमारियों से मुकाबला करते है
इससे कार्य करने की शक्ति नहीं होते है
देखो! तुम हर क्षेत्र को साफ सुथरा करो।
संघ में कुंभावनाएं बढ़ जाते हैं
छुआछूत से लोग परेशान होते हैं
बाल मजदूरी संख्या बढ़ जाते हैं
भ्रष्टाचार दिन ब दिन बढ़ जाते हैं
देखो! तुम संघ केलिए स्वयं कार्य करो।
जनता के बीच स्नेह भाव जगाओ
उनके हृदय में निर्मल भाव बढ़ाओ
कार्य करने केलिए उत्साह बढ़ाओ
देश केलिए एक कदम आगे बढ़ाओ
देखो ! तुम लोगों के मन में प्रेम भर करो।
श्रीनिवास एन, आंध्रप्रदेश













