
एक बात बोलूं साहेब,आज कल इंसान गाँव को शहर बनाकर गाँव ढूंढ रहा है,
क्योंकि इंसान अब खुद ही शहर छोड़कर शहर में जा रहा है न की गाँव में।
भले ही पैसा और महल है सबके पास लेकिन चैन सुकून किसी के पास नहीं है,
बस इतनी सी बात समझना है विकास के नाम पर इंसान खुद का विनाश कर लिया है
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













