
“जिसकी जैसी रहे भावना,वैसा मन बन जाता है
मन में पाप बसा है जिसके,जग पापी बतलाता है।
लख मूरत पाहन में प्रभु की,पत्थर ही कह जाता है।
शबरी सम भाव बसें मन में ,मधुरम बेर चखाता है।
डॉ नवनीता दुबे नूपुर
जिला
मंडला ,मध्यप्रदेश,

“जिसकी जैसी रहे भावना,वैसा मन बन जाता है
मन में पाप बसा है जिसके,जग पापी बतलाता है।
लख मूरत पाहन में प्रभु की,पत्थर ही कह जाता है।
शबरी सम भाव बसें मन में ,मधुरम बेर चखाता है।
डॉ नवनीता दुबे नूपुर
जिला
मंडला ,मध्यप्रदेश,
డీజే స్వర ధ్వనుల డెందము భక్తికి నిదర్శనమౌనే
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दुनिया बदल गई है …….