Uncategorized
Trending

बारिश का मौसम

(१)

रिमझिम रिमझिम बारिश बरसीं है,
बूंद बूंद जब मधुबन बरसीं है

रिमझिम रिमझिम बारिश बरसीं है,
बूंद बूंद जब फुलों पे मधु ,बनके बरसीं ।।

ठंडी ठंडी हवा चली , और
लहरा उठी डाली डाली,

मंद मंद फुल मुस्काऐ बगियां के, और
कलियां मन हि मन हर्षि है ।।

काली काली
घटाएं छाई घनघोर ,
फैला है अंधेरा चहुं ओर,

दिन में जैसे सूरज गया हो कहिं तीर्थ पे ,

बड़ा ही मतवाला मौसम है हर ओर।।

रंग बिरंगी बदलियां मंडराई आसमां पर
फूर्र फूर्र करती
दिन भर बरसीं है ।।

रिमझिम रिमझिम बारिश बरसीं है
बुंद बुंद मधुबन जब
बरसीं है ।

रिमझिम रिमझिम बारिश जब बरसीं है।
बुंद बुंद मधु बनके बरसीं हैं।।

अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)


(२)
बारिश के दिन

टर्र टर्र दादुर का संगीत हर तरफ पसरा है,

चिर्र चिर्र, झिंगुर बोल रहे हैं
झिर्र झिर्र बरसात का
स्वर उभरा है हर तरफ ।।

कोयलों की मधुर ध्वनि मनोरंजन करती

खेतों की मिट्टी पानी से भरी भरी ,

धुल भरी पगडंडीयां बरसात में भीगी है,
हवाएं बह रही महकी महकी,

ताल तलैया लबालब भरकर लहराते हुए दिख रहे हैं हरियाली का नजारा दिखाई दे रहा मनमोहक ।

खाल नाल लबालब बहते हुए इतराते,

कागज़ की कस्ती बनाकर बच्चे पानी में बहाते।

ऊफान भरती नदियां चली सागर से मिलने को,

जैसे अल्हड़ चलें पी से मिलने को,

भीगी है हरियाली चुनरियां बारिश से,

जैसे योवन में जोबना पे आग बरसाऐ बरसात का पानी।।

अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *