
हांथ पसारे आया है तूं और हांथ पसारे जाएगा,
क्या लेकर तूं आया है और क्या लेकर तूं जाएगा।
खाली हाथ आया है तूं और खाली हांथ जाएग,
क्या लेकर तूं आया है और क्या लेकर तू जाएगा।
पल भर का यह जीवन है पल भर में ही मर जाना है,
इसमें ही तुमको बाबू धर्म कर्म कमाई करना है।
न सोना चांदी लाया है और नहीं लेकर तूं जाएगा,
क्या लेकर तूं आया है और क्या लेकर तूं जाएगा।
न बीवी न बच्चे नहीं सगे संबंधि काम आएगा,
जो भी काम आएगा तेरा धर्म कमाई काम आएगा।
सांची सांची लिख रहा अलबेला खाली हांथ जाएगा,
क्या लेकर तूं आया है और क्या लेकर तूं जाएगा।
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













