
स्टुडेंट के लिए भी
कुछ लिख कर आप
डाल दें,
आने वाले कल के लिए निशानी होंगी।
एक कविता लिखी जाएं तो वो बच्चों के ज़ख्मों का
मरहम होंगी ।।
स्टुडेंट से ही टीचर्स की पहचान है,
टीचर्स को भी थोड़ी पहचान बनानी होगी।
एक पक्ष स्टुडेंट का नजदिक का चश्मा लगा करके देखो,
साहब।
उसकी हिफाजत कि नजर से भी देखा करोंगे तो बड़ी ही मेहरबानी होगी।
जो भी सही हो वो हि सही है फिर भी दो शब्द लिखा करो तो,,
आपके चेहरे की छोटी सी एक मुस्कान तो डाल सकते हैं,,
यहि प्रयास
बच्चों के ज़ख्मों का मरहम बनेंगी ।
तेरी कलम से आज
कुछ तो लिखना होगा
तेरे हाथों से लिखी एक कविता लिखना होगा।
मेरे बच्चे, तुम्हारे बच्चे, सबके बच्चे,
आने वाला कल हैं ये सारे राष्ट्र के बच्चे।
देश की धरोहर है बच्चे ,
देश का भविष्य हैं बच्चे,
देश का इंजिनियर है बच्चे,
देश का डाक्टर हैं बच्चे,
आने वाला कल हैं बच्चे ,
देश का राज नेता हैं बच्चे
आने वाला सूरज है बच्चे,
अंधकार को मिटा देंगे बच्चे,
शिक्षा का उजियारा है बच्चे ।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)













