26 जुलाई 2026 को साहित्यकार संगम संस्था बुलंदशहर द्वारा कारगिल विजय दिवस पर श्री नारायण समाचार पत्रालय खुर्जा में एक काव्य संध्या का आयोजन किया गया।

सर्वप्रथम संस्था के अध्यक्ष श्री प्रेम कुमार शर्मा व सचिव डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी ‘ विद्या – सागर ‘ द्वारा माँ शारदे के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन कर पुष्पार्चन किया गया। गोष्ठी का संचालन संयोजक श्री वेद प्रकाश गौतम द्वारा किया गया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ माँ सरस्वती की वंदना से किया गया। मदनेश शर्मा ने ” नदिया रीती सागर रीता, तुम कहती हो रीता सब संसार। ” कविता पढ़ी, अंकित सारस्वत ने ” सीने पर गोली खाते हैं देश को बचाते हैं।
नाम सिर्फ इतना है फ़ौजी ये कहलाते हैं।। ” मनीष गुप्ता ने ” जीवन में कभी कभी ऐसे क्षण भी आते हैं। जो हम कभी किसी के प्रिय तो किसी के अप्रिय हो जाते हैं।”वेदप्रकाश गौतम ने ” पहले वे क्या दिन थे, जब सब होते हमदम। पाप न हो जाए का भय था, करते भारी श्रम।। ” डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी ‘ विद्या -सागर ‘ ने” हे अमरशहीदों!नमन तुम्हें, सूरज भी करता नमन तुम्हें। चंदा भी करता नमन तुम्हें, कारगिल के रण में झुके नहीं। तुम अमर दीप हो, नमन तुम्हें। ” गीत पढ़ा। अंत में प्रेम कुमार शर्मा ‘ प्रेम ‘ ने ” तुम नर हो या नरेन्द्र भाई, अहं भाव को त्यागो तुम। छोटा हो या बड़ा हो कोई,सबके हित को त्यागो तुम। ” कविता पढ़ी। डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी’ विद्या – सागर ‘, मदनेश शर्मा, प्रेम कुमार शर्मा, वेदप्रकाश गौतम, मनीष गुप्ता, श्रीचंद गुप्ता, अंकित सारस्वत इत्यादि कार्यक्रम में मौजूद रहे।
सचिव
डॉ. विश्वम्भर दयाल अवस्थी ‘ विद्या – सागर ‘













