
राह चिह्नित हैं,
बस चलना बाकी है।
थोड़े कठिन हैं मगर,
बस संभलना बाकी है।
मंज़िल दूर सही,
हौसला रखना बाकी है।
जीत इंतज़ार में है,
बस डटकर लड़ना बाकी है।
ठोकरें राह रोकेंगी,
फिर भी बढ़ना बाकी है।
हर अँधेरी रात के बाद,
सूरज निकलना बाकी है।
हार नहीं पहचान हमारी,
इतिहास बदलना बाकी है।
झुक जाती है दुनिया,
बस अड़ना बाकी है।
इरादे यदि अटल रहें,
तो हर सपना सच्चा है।
राह चिह्नित हैं,
अब बस चलना बाकी है।
आर एस लॉस्टम













