
उमा पति भोले शंकर, सबो की मनोरथ पूरी कर
तेरे बाये अंग मे बैठी है#उमा,तु इसे स्वीकार कर
रमा तेरी अर्द्धांगिनी महादेव,सुन्दर है जोड़ी
ध्यान मुद्रा मे बैठे भोले, रमा है खड़ी
गिरिराज की कन्या गिरा,है कोमल सुकुमारी
भभूत लगाये रहे भूतनाथ,ले आये बारात भारी
उमा-रमा-गिरा सब तु,है तु हो एक ही
भूतनाथ,भोले,शिवशंकर एक है,दूजे नही
सब नामों मे समाये हो माँ, कोई भी नाम लूं तेरा
संकट मे पडे भक्त जब,तु ही बने सहारा
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड













