
जीवन वो आईना है जिसमें हम खुद से रोज हारते हैं,
जीवन वो तन्हा जंग है जिसे बिना हथियार लड़ते हैं।
जीवन में अपने भी जख्म देते हैं बड़े प्यार से,
जीवन में पराये भी सीख देते हैं बड़े वार से।
जीवन में उम्मीदें टूटती हैं फिर भी जीना पड़ता है,
जीवन में सपने मरते हैं फिर भी हंसना पड़ता है।
जीवन हिसाब मांगता है हर आंसू और हर वादे का,
जीवन सब्र मांगता है हर सजदे और हर इरादे का।
जीवन में कोई नहीं पूछता तुम अंदर से कैसे हो,
जीवन में सब देखते हैं तुम बाहर से कैसे दिखते हो।
जीवन एक कर्ज़ है जिसे सांसों से चुकाना होता है,
जीवन एक इम्तिहान है जिसे तन्हा निभाना होता है।
जीवन में गिरना तय है पर उठने की कसम खाओ,
जीवन में अंधेरा गहरा है पर खुद दीया बन जाओ।
जीवन छोटा है इसे शिकायतों में मत गंवाना,
जीवन अनमोल है इसे तानों से मत हराना।
इसलिए रात को रो लो पर सुबह,
फिर से चल देना।
इसलिए थक जाओ तो बैठ जाना पर मंजिल मत बदलना,
क्योंकि जीवन दोबारा नहीं मिलता ऐ दोस्त मेरे।
इसलिए इसे अधूरा मत जीना,
इसे मुकम्मल कर देना।
— यही जीवन है, यही सच है
सर्वाधिकार सुरक्षित मौलिक अधिकार एवं अप्रकाशित रचना
अंतर्राष्ट्रीय
हास्य कवि व्यंग्यकार
अमन रंगेला ‘अमन’ सनातनी
सावनेर नागपुर ( महाराष्ट्र)













