
एक बात बोलूं साहेब,पहले के समय में मित्रता एक दूजे का ताकत हुआ करता था,
लेकिन आज के समय में एक दूजे के लिए घातक साबित हो रहा है।
मालूम है क्यों क्योंकि आज कल के मित्रता में वो भरोसा औ विशवास नहीं रह गया है,
क्योंकि पहले के समय में जो विशवास हुआ करता था आज वो नहीं है।
क्योंकि आज के समय में लाखों में कोई एक ही दोस्त है जो विशवसनीय है,
बाकी तो ऐसे छल करते हैं जैसे कोई वह सफलता हासिल कर लिया है।
इसलिए आज के समय मित्रता तो रखिए लेकिन सावधानी से,
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













