
मेरे जीवन को सुखमय बनाने वाले आप हों प्रभु जी,
मेरा ईष्ट भी आप हों और
मेरा विश्वास भी आप हों प्रभु जी।
मेरे हर वजूद में निखार आया है आप से , व्यक्तित्व का नूर आप हो प्रभु जी।
मेरे हर कदम पर साथ निभाने वाले आप हों प्रभु जी,
मैं तो आपके भजन गाने वाला हूं ,मेरे मन की भावना को दृढ़ बनाने वाले आप
हो प्रभु जी।।
अगर कभी टूट भी गया मैं तो मेरे लगन की डोर को बांधने वाले भी आप ही हों प्रभु जी।।
मेरे अंधेरों में उजाला भी आप हो,
दीप की प्रज्वलित ज्योति भी आप ही हो प्रभु जी।
अज्ञानता में ज्ञान का प्रकाश भी आप ही हो प्रभु जी।।
मेरी हर खुशी का, मेरी हर सफलता का राज भी आप ही हो प्रभु जी।।
अशोक सुमन भवानी मंडी ( राज.)










