
घर में किलकारियों की आहट आ गई है,
बहू की कोख में जो पल रहा है,
वो हमारे दीपक का दीप होगा।
प्रभु की कृपा और आशीर्वाद से,
हमारे घर आँगन में नया मेहमान आएगा।
नानी-दादी से किस्से कहानी सुनने वाला,
अब घर में एक और मेहमान आएगा।
माँ का प्यार दोगुना,
और दादी-नानी की गोद तैयार रहेगी
बहू के चेहरे की रौनक कह गई,
घर में दस्तक नई किलकारी की है।
नौ महीने का इंतजार है प्यारा,
क्योंकि घर में लक्ष्मी या लाला आने वाला है।
कुल की बेल बढ़ेगी अब,
बहू की गोद हरी होगी।
दादी-नानी की ममता को,
एक नया सहारा मिलेगी।
हमारी लाडली बहू के आँचल में प्रभु ने नया फूल भेजा है।
और हमारे घर में सुख-समृद्धि,
शांति की गंगा बहे।
“पुत्रवती भव” “सौभाग्यवती भव”
का आशीर्वाद।
बहू रानी के माथे की बिंदिया कह गई,
अब घर में पालना झूलेगा।
नौ माह बाद किलकारी गूंजेगी,
और कुल का नाम रोशन होगा।
घर में चिराग जले, और वंश आगे बढ़े।
समचा
ने मिल कर आनन्द की अनुभूति से सबका दिल जीता
स्वर्ग में बैठे बाबा दादी की खुशियों का आभास हो रहा है
उनका भी आशीर्वाद और शुभकामनाएं सदा साथ हैं
ईश्वर करे ये शुभ समाचार पूरे परिवार के लिए मंगलकारी हो।
कुलदीप वर्मा











