
भगवान शिव भाव के भूखे हैं,
सोने चांदी के नहीं,
मन की आस्था जरूरी है, जीवन में आडंबर हों नहीं।
मानव एकता का आधार ईश प्रेम,
शिव का संदेश है यही ,
सत्यम शिवम सुंदरम
जीवन का मंत्र है यही।
हर दिन लगता है मेले जैसा जाम शिव मंदिरों में भीड़ भारी दिख रही,
शिव शिव शिव गुंजन हुआ है ,
ॐ नमः शिवाय
जपता है हर कोई।
हर तरफ पसारा
है शिव सत्ता का
दुजा दुनिया में कुछ भी नहीं।
ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय
ॐ नमः शिवाय
तीन लोक के स्वामी हैं शिव,
एक यही है दुजा नहीं है कोई।।
अशोक सुमन भवानी मंडी (राज.)













