
वो आपका साथ
अब किसी कहानी का हिस्सा नहीं,
मेरी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का
सबसे खूबसूरत सच है।
कभी सुबह की जल्दबाज़ी में,
कभी थकी हुई शाम के बीच,
आपकी एक मुस्कान
दिन भर की थकान से
थोड़ा-सा हिसाब माँग लेती है।
अब प्रेम
सिर्फ़ चाँदनी रातों में नहीं मिलता,
कभी चाय के आधे कप में,
कभी बिना कहे समझ लेने में,
कभी मेरी खामोशी के पास
चुपचाप बैठ जाने में मिलता है।
वक्त बदला,
रास्ते बदले,
जिम्मेदारियाँ बढ़ीं—
मगर आपका .साथ
आज भी वही सुकून देता है
जो कभी पहली मुलाकात ने दिया था।
आपका मुस्कुराना
अब केवल मुस्कान नहीं,
यह भरोसा है
कि जीवन कितना भी कठिन हो,
हम दोनों मिलकर
हर मौसम पार कर लेंगे।
आप मेरे जीवन में
सिर्फ़ आए नहीं थे—
आप ठहर गए,
और इसी ठहराव ने
मेरी जिंदगी को
घर बना दिया।
पूनम कुमारी
मधुबनी बिहार













