Uncategorized
Trending

साथी हाथ तू बढ़ाता चल,

साथी हाथ तू बढ़ाता चल,
कदम से कदम मिलाकर
सबको गले लगाता चल|
साथी हाथ तू बढ़ाता चल..

सुख आएं या दुख जीवन में,
हंसकर सब अपनाता चल |
चार दिनों की ये जिंदगानी,
हंसता और मुस्कुराता चल|
साथी हाथ तू बढ़ाता चल..

थोड़ा अपना कर्म तो थोड़ा,
अपना धर्म तू निभाता चल |
दया दान का लेकर संकल्प,
मानवता तू दिखलाता चल |

जी भरकर के जी ले तू यहां,
वरना गुजर जाएगा यह पल|
अंधियारों में करके रोशनी,
आशा का दीप जलाता चल |

समय एक सा रहता नहीं है,
नहीं रहता हमेशा कोई बल |
प्रेम प्यार से सब अपनाकर,
दिल से दिल तू मिलता चल |
साथी हाथ तू बढ़ाता चल..

राजेंद्र कुमार वर्मा
कोटा राजस्थान

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *