
हम आजाद देश के,है आजाद सिपाही
गुलामी हमे कभी,पसंद आयी ही नही
देश को आजाद रखने वास्ते,हम सभी
प्राण चले जाये से,झूके नही हम कभी ।
लेकर भारतमाता की जयकारा की उद्घोष से
दुश्मनो से टकरा गये,हंसते हंसते जोश से
जेल गये,लाठी खाये,यातनाए सहे,मदहोश से
बाते किये दुश्मनो से कभी नर्म तो कभी आवेश से ।
हम आजादी के दीवाने है,सुन लो जरा
आजाद रहना पसंद है हमे,है ये बहुत न्यारा
भारतमाता की रखवाली करना,हक है हमारा
सुरक्षित रहे देश के सभी लोग,सर्फ यही विचारा ।
आजादी के खातिर जो लडे, वो है याद
उनसबो के बदौलत ही,आज हम है आजाद
सबो को तहेदिल से करता हूं, कोटिशः नमन
आजाद देश मे सबका है,बार बार अभिनंदन
चुन्नू साहा पाकूड झारखण्ड












