नमन मंच
रक्षाबंधन सृजन
दिनांक-28/08/2026
विषय- राखी
विधा-काव्य
आज रक्षा बंधन पर्व की आप सभी को मैं हार्दिक शुभकामनायें देता हूँ । मैं अपने सभी सनातनीयों से निवेदन करता हूँ कि हम हर बहन मे ही अपनी बहन का अक्स देखें ताकि नारियों के प्रति सम्मान की भावना बढ़े ओर उनके ऊपर होनेवाले अपराध कम क्या बिल्कुल ना हों । बहन भाई का प्यार दुनियाँ मे अप्रतिम होता है इसीलिये हम राखी का त्यौहार आज भी पूरे उत्साह के साथ मनाते है। इस अवसर पर मेरी बहन भाई पर लिखी रचना प्रस्तूत है।
श्रावण मास का अनुपम ये त्यौहार है
कलाई पर बंधी राखी भाई बहन का अदभुत ये प्यार है
एक जमाने का प्यारा सा ये होता साथ है
लड़ते झगड़ते गिला करते प्यारा सा ये अहसास है
वो दुआए हर पल करती भाई के वास्ते
लडती जमाने की बूरी नज़र से बचाने भाई को हर कदम हर रास्ते
बहन की रक्षा को भाई भी कसम खाता है
वक़त परिस्थति के परे पूरी शिद्दत से रिश्ते को निभाता है
रक्षा बंधन का ये पर्व नारी को सम्मान देना सिखाता है
हर नारी मे ही अपनी बहन बेटी माँ का अक्स बताता है
कर इज़्ज़त खुद की बहन का जो रब से दुआएं मांगती है
भाई से बढ़कर कोई नही सदा ये जानती है।
संदीप सक्सेना
जबलपुर म प्र












