
आओ चलें उस दुनिया में, जहाँ सपनों के फूल खिलें,
चाँद सितारे साथ हमारे, खुशियों के दीप जलें।
नीले नभ के उस पार कहीं, रंगों का संसार मिले,
बादल बनकर उड़ते जाएँ, मन को नई बहार मिले।
झिलमिल-झिलमिल तारे चमकें, जुगनू राह सजाएँ,
तितली अपने रंगों से फिर, सपनों को महकाएँ।
नदियाँ गाएँ मधुर तराने, पर्वत गीत सुनाएँ,
फूलों की मुस्कान लिए हम, खुशियों के रंग लुटाएँ।
जादू है, जादू है, चारों ओर उजियारा है,
प्यार भरा हर दिल हो जिसमें, ऐसा सुंदर जग सारा है।
हाथों में हाथ मिलाकर हम, नई सुबह ले आएँ,
प्रेम, दया और भाईचारे से, सुंदर जग बन जाए।
आओ मिलकर सपने सजाएँ, आशा की एक लौ जलाएँ,
अपनी प्यारी जादुई दुनिया, मिलकर आज बनाएँ।
रीना पटले शिक्षिका
शासकीय हाई स्कूल ऐरमा कुरई
जिला-सिवनी मध्यप्रदेश













