
दिनांक : 26 सितंबर , 2026
विधा : पद्य
न देख बिहार यूपी हीन ,
न किसी के आगे दीन ।
निकाल दे निज मन भ्रम ,
जी न सके ये तेरे बिन ।।
तुझे इसका एहसास नहीं ,
बिहार यूपी है दास नहीं ।
बिहार यूपी बनाया तुम्हें ,
इसका है आभास नहीं ।।
सावधान हीन देखनेवालों ,
बिहार नहीं तेरे टुकड़ों पे ।
श्रम करता खाता रहता ,
भीख न माॅंगे नुक्कड़ों पे ।।
बिहार पे तव एहसान नहीं ,
बिहार को दिया दान नहीं ।
सदा सम्मान दिया सबको ,
बिहार सहे अपमान नहीं ।।
तुझपे एहसान है इसका ,
जिसका तुझे भान नहीं ।
वापस ले तू अपनी बातें ,
इसका तुझको ज्ञान नहीं ।।
बिहार यूपी गमगीन नहीं ,
तू न समझ भयहीन नहीं ।
हर कोई निज मुॅंह लगा ले ,
बिहार यूपी वह बीन नहीं ।।
अरुण दिव्यांश
छपरा ( सारण )
बिहार












