
तीरगी घनघोर है भाई।
रोशनी कमज़ोर है भाई।
चल रही है साँस जब तक,
हौसला पुरजोर है भाई।
आप अपना कह रहे हो,
वो किसी की ओर है भाई।
साथ वो घिसकर चलेगी ,
जो गले की डोर है भाई।
नाम, पैसा, पद,सियासत,
आजकल सिरमोर भाई।
आप हैं महफूज़ जिससे,
उसके दिल में चोर हैं भाई।
साँच को नीचा दिखाने,
कहकहों का शोर है भाई।
नवीन माथुर पंचोली













