
सोच अगर पक्की हो
कुछ भी कर सकते हो।
इरादे मजबूत अगर
दुनिया जीत सकते हो।
पथ बाधाएं टकराएंगी,
निराशा के बादल लाएंगी,
लेकर के तुम प्रभु का नाम
चलो, ना कोई रोक पाएंगी।
पथ पर बढ़ने से पहले,
पथ की तुम पहचान करो।
आसमान पर हो नजर,पर
पग अवश्य धरती धरो।
सपने अवश्य होंगे पूरे,
दिन फिरेंगे सबके बुरे।
इरादे बस मजबूत रखो,
इंसान बस कर्म करे।
सुलेखा चटर्जी, भोपाल













