Uncategorized
Trending

कुछ लिखते हैं


शीर्षक- कुछ करना चाहता हूँ

मैं कुछ करना चाहता हूँ,
आसमान पर चलना चाहता हूँ।
डरता नहीं हूँ तूफानों से,
चीरकर उनसे आगे बढना चाहता हूँ।।

मेरे सामने कुछ चट्टानें, कुछ पहाड़ है,
पर मैं इन ऊँचाईयो को छूना चाहता हूँ।
मेरे सामने है बड़ा समंदर भी,
पर मैं इसे पार करना चाहता हूँ।।

मंजिल के लिए कोई रास्ता नहीं,
पर मैं रास्ता खोजना चाहता हूँ।
आसमान दूर है तो दूर ही सही,
पर मैं उसे छूना चाहता हूँ।।

मेरे सामने कितनी भी बड़ी समस्या हो,
पर मैं उसका समाधान निकालना चाहता हूँ।
समस्या का समाधान कर,
मैं समस्या पर सफलता निश्चित चाहता हूँ।।

रचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्य.शिक्षक)
शास. उच्च. माध्य. विद्यालय बकोडी, ब्लॉक कुरई जिला सिवनी (म.प्)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *