विश्व रंग 2025 महोत्सव भोपाल में, रामा तक्षक द्वारा संपादित ‘प्रवास मेरा नया जन्म’ ‘ऋषि ऋषिकाओं की जन्मदात्री देवनागरी’ व नीदरलैंड से प्रकाशित ‘साहित्य का विश्व रंग’ पत्रिका का लोकार्पण किया गया।
यह लोकार्पण इटली से मार्को जॉली, स्वीडन से हाइंस वेसलर, शारजाह से डॉ पूर्णिमा वर्मन, श्रीलंका से डॉ निरोशा सलवतुर, भारत से अनिल जोशी, डॉ नूतन पाण्डेय, डॉ जवाहर कर्नावट, कुमार सुरेश व वरुण कुमार के करकमलों द्वारा सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर अमेरिका से अनूप भार्गव, विनीता तिवारी, कादम्बरी आदेश, गयाना से विष्णु बिसराम, लंदन से दिव्या माथुर, डॉ कृष्ण कन्हैया बेल्जियम से कपिल कुमार, बर्मा से चिंतामणि वर्मा, जापान से रमा पूर्णिमा शर्मा, कुवैत से संगीता चौबे पंखुड़ी, कनाडा से मीना चौपड़ा, श्रीलंका से तक्षशिला, कतर से शालिनी वर्मा, आदि विभिन्न देशों से विश्व रंग में भाग लेने आये साहित्यकार व भारत से डॉ दामोदर खड़से, डॉ दीपक पाण्डेय, डॉ राकेश पाण्डेय, डॉ गोकुल सोनी व अन्य लब्ध प्रतिष्ठित साहित्यकार उपस्थित थे।
विश्व रंग महोत्सव (27-30 नवम्बर) के इस आयोजन में, नब्बे सत्रों में, एक हजार से प्रतिभागी भाग ले रहे हैं। इसमें सत्तर देशों के प्रतिनिधि साहित्यकार भी शामिल है। भारतीय संस्कृति व हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं के उन्नयन के लिए समर्पित, निजी विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित, यह आयोजन अपने आप में एक अनूठी मिशाल है।












