
आओ मिलकर रंग जमाएं,
एक साथ सब होली में !
आओ मिलकर भंग चढ़ाएं,
एक साथ सब होली में !!
खुशियाँ बांटे, बैर मिटाएं,
समरस्ता का भाव जगाएं!
ऊंच-नीच का भेद मिटाकर,
विश्व शांति का अलख जगाएं!!
आओ मिलकर फाग सुनाएं,
एक-दूजे को गले लगाएं!
बचे न कोई कोरी अबकी,
प्रेमके रंग में घुलमिल जाएं!!
नाचें गाएं धूम मचाएं,
दुनियाँ को नई राह दिखाएं!
स्नेह समन्वय भाईचारा का,
होली में रंग रस बरसाएं !!
कमलेश विष्णु सिंह ‘जिज्ञासु’










