
दुनिया की पहचान है नारी,
शक्ति का अवतार है नारी l
घर आँगन की मुस्कान है नारी,
देवी के समान हैं नारी ll
सरस्वती का रूप है नारी,
लक्ष्मी का स्वरूप है नारी l
जब दुनिया में होगा अत्याचार,
तो दुर्गा- काली का अवतार है नारी ll
कोमल है कमजोर नहीं है नारी,
अब सभी क्षेत्रों की पहचान नारी l
आजादी की नींव खोदकर,
प्रगति मार्ग की पहचान है नारी ll
रचनाकार- नंदकिशोर गौतम (माध्यमिक शिक्षक)
शास. उच्च. माध्य. विधा. बकोड़ी, जिला सिवनी म. प्र.
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