
नन्ही सी परी अब आकाश छूने को तैयार है,
बेटी की सफलता ही घर का असली श्रृंगार है।
जब इरादे बुलंद हों और हौसलों में जान हो,
तो मुमकिन है कि हर बेटी का अपना एक आसमान हो।
उसकी मेहनत लाई है आज रंग, रोशन हुआ है नाम,
सफलता के इस शिखर को दुनिया का सादर प्रणाम।
पंख फैलाकर उड़ी है वो सपनों की तलाश में,
लिख दिया है फिर इतिहास उसने विश्वास में।
बेटियों की जीत से ही समाज का सम्मान है,
वो सिर्फ एक अंश नहीं, पूरे देश का अभिमान है।
कवयित्री
रीना पटले शिक्षिका
सिवनी,मध्यप्रदेश










