
आज हम सब यूं मिलकरके,
विश्व मजदूर दिवस मनाते हैं।
विश्व सामाजिक समरसता का,
मन्नू हम मिलकर पाठ पढा़ते है।।
राष्ट्रपिता ने मजदूर, किसानों को,
राष्ट्र का मजबुत आधार बताया था।
राष्ट्र की खुशहाली का यूं सर्वोत्तम,
प्रतीक इनको ही तो बतलाया था।।
आज सरकार व उद्योगपति,
स्वयं को मालिक समझते है।
सदा मित्रवत व्यवहार की जगह,
इन्हे अपना नौकर वो समझते है।।
दया का भाव भूलकर वो,
इनपर अत्याचार करते है।
शौषण का शिकार बनाकर,
राष्ट्र का पत्तन वो यूं करते है।।
सुरक्षा सुविधाऐं सुलभ हो,
बीमा का इनको लाभ मिले।
समय पर इन्हे वेतन भत्ते देवै,
न्यूनतम पेंशन का लाभ मिले।।
मुन्ना राम मेघवाल।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।











