
विश्वपरिवार दिवस की संकल्पना,
वसुधैव कुटुम्बकम का मूल सिद्धांत
कि संपूर्ण मानवता एक परिवार है,
यह सिद्धांत कितनी बड़ी विडम्बना है।
हर व्यक्ति चाहे वह किसी राष्ट्र,
जाति, या धर्म का हो, एक ही
व्यापक परिवार का हिस्सा है,
विश्व में सबका समान महत्व है।
जब विश्व में सबका समान महत्व है,
तो विश्व के हर छोटे- बड़े व्यक्ति
को समान सम्मान मिलना चाहिए,
समान अधिकार मिलना चाहिये।
विश्व में कितना बड़ा छलावा है,
व्यक्ति की तो बात ही अलग है,
राष्ट्रों के बीच भी समानता नहीं है,
कोई विकसित, कोई विकासशील है।
कोई पिछड़ा तो कोई अति पिछड़ा,
कोई बिल्कुल छोटा कोई बहुत बड़ा,
कोई कोई अत्यन्त उच्च वर्ग का है
और कोई अति दलित वर्ग का है।
विश्व परिवार दिवस की संकल्पना,
आदित्य पूरी तभी की जा सकेगी,
सबके अधिकार एक समान होंगे,
सबके मान सम्मान एक जैसे होंगे।
डा० कर्नल आदि शंकर मिश्र
‘आदित्य’, ‘विद्यावाचस्पति’
‘विद्यासागर’, लखनऊ












