
मुझे मिला है भगवान शंकर का सहारा
चम्बल नदी का मिला किनारा
मुझे मिला मेरा अजब-गजब गांव
जहां कागज कि कस्ती पर चलती है विकास कि नाव
हमारे गांव के जनप्रतिनिधियों के देखो ठप्पे
चौकीदार से लेकर अधिकारियों के मदमस्त गप्पे
हमारे गांव के नेताओं के देखो चुनावी सपने
जो चुनाव से पहले लगते सब नेता हमारे अपने
चुनाव जीतने के बाद उन्ही नेताओं के विषय में टूटते सपने बहुत लम्बी है हमारे गांव खड़ावदा के जनप्रतिनिधियों और नेताओं की कहानी
हमारे जनप्रतिनिधि चुनाव के समय लगते हैं महादानी
चुनाव जीतने के बाद लगते हैं अभिमानी
कवि:-गोपाल जाटव विद्रोही
खड़ावदा तह.गरोठ
जिला. मन्दसौर मध्यप्रदेश









