
मां होती है जन्नत का फूल
ममता लुटाती मां का है उसूल
मां का प्यार होता है अनमोल
नहीं चुका सकता है कोई मोल
दुःख सहकर बच्चों को जन्म देती
हर दुःख से बचाती है मां
बच्चों के लिए ढाल बन जाती है
बच्चों को सीने से लगाकर दुलार करती है
अपने कलेजे के टुकड़े को
बड़े प्यार और चाव से खिलाती मां
अपने हिस्से की भी रोटी परोस देती है
मां
जब तक बच्चे का नहीं लेते
वहीं बैठकर निहारती रहती मां
चाहे रोटियां कम पड़ जाए
बड़े संतोष भाव से खाकर सो जाती
प्यार और ममता लूटाने वाली
मां के सिवा कोई नहीं हो सकता
बरगद सी छांव देती है मां
वो गीले में सोकर सुकून है पाती
बच्चों को सुख पर सुलाती
जमाने की मुश्किल में और उलझनों में
दीपक बनकर उजाला करती मां
है मां का किरदार अद्भुत
मां ने जन्म देकर पाला
कभी ना दिखाया अपने दिल का छाला
मां ईश्वर की अद्भुत सृष्टि
डॉ मीना कुमारी परिहार
बहुत करती असर, मां की दुआ है
सच, बहुत करती असर ,मां की दुआ है
कोई भी मुश्किल राहें नहीं रोक सकती
अगर मां का आशीर्वाद साथ हो
दुनियां में लाने वाली मां की दुआएं
कभी खाली नहीं जाती है
मां की परवरिश जीवन का फलसफा सिखा देती है
मां की ममता सबसे अनमोल, जीवन में नहीं इसका मोल
मां का स्पर्श मात्र से ही संबल और प्रेरणा मिलता है
हर दर्द गम से रहूं बेखबर
मां की दुआओं में होता है इतना असर
मां की ममता अनुपम होती है
जो हमें जीवन की राहों पर
आगे बढ़ाने की शक्ति प्रदान करती है
चाहे मंदिर जाओ, मस्जिद जाओ,चाहे जाओ गुरुद्वारा
मां के आशीष के बिना मिलता नहीं है सहारा
मां तेरी याद जब भी आती है हमारा दिल प्यार से भर जाता है
मां का जो निरादर करता , वह कभी नहीं सुख पाता
मिलने को तो बहुत लोग मिलते हैं इस दुनियां में,
पर मां जैसा कोई नहीं
मां के आंचल में है प्यार ममता का जादू
उसमें छुपकर सारे दुःख दूर हो जाते हैं
मां ईश्वर का रूप है,मां के चरणों में कोटि-कोटि नमन!
डॉ मीना कुमारी परिहार













