Uncategorized
Trending

आनन्दित परिवार की शक्ति।।

आलेखः परिवार हमारे समाज का महत्वपुर्ण आधार स्तम्भ है।जब हमारा परिवार खुशहाल और आनन्दित रहता है। वह चिन्तामुक्त रहता है तो वह सामाजिक रूप से सशक्त होता है एवं परस्पर परिजनों में अच्छे संस्कार व व्यवहार का निर्माण होता है और वह हमारे समाज को समुचित नेतृत्व प्रदान करता है। जिससे एक सभ्य, सुसंस्कृत समाज का विकास होता है। हमारे समाज में आपराधिक प्रवृति में कमी देखने को मिलती है। वहीं इसके विपरीत दिखावा या छलावा करने वाले अथवा अपराधी लोग नेतृत्व करने लगे तो नशे की लत, अश्लिलता,गाली गलोच व परस्पर दुर्व्यवहार बढने लगता है।
इसलिए सभ्य समाज के निर्माण के लिए खुशहाल व आनन्दित परिवार अपरिहार्य है। तथा आनन्दित परिवार हेतु अच्छे व्यवहार व संंस्कार का होना अनिवार्य है। यही हमारे परिवार की शक्ति होती है। इसी से हमारा परिवार और समाज सफलता की राह पर आगे बढता है। समाज के सभ्य होने पर ही सभ्य, सुसंस्कृत व विकसित भारत का हमारा सपना पुर्ण हो सकता है।
निष्कर्षः प्रतिवर्ष 15 मई को हम विश्व परिवार दिवस मनाते है। इस वर्ष हमें यह चिंतन करना चाहिए कि हम आदर्श परिवार,समाज व राष्ट्र का विकास किस प्रकार से करे? हमे परस्पर एक दुसरे के प्रति सहयोग, सम्मान एवं मर्यादित व्यवहार को बढावा देना चाहिए। उन्नत शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता को अपनाना चाहिए। सदैव बडे़ बुजुर्ग लोगो का आदर करना चाहिए जिससे वर्तमान समय में बच्चे भी देखकर प्रेरणा लेकर आगे बढने लगे। हमारे बच्चे जैसा देखते है वैसा ही सिखते है। अतः सर्वप्रथम सुधार हमको स्वयं से आरम्भ करना चाहिए। किसी ने कहा भी है खुद भला तो जग भला।


मुन्ना राम मेघवाल ।
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *