
जनमदिवस के शुभ अवसर पर
दिये बधाई जनमदिवस की, बने दीर्घायु आप।
इतनी खुशियाँ मिले आपको, मिले न कोई माप।।
क ख ग रहे आरंभ सदा ही, अक्षर का प्रस्तार।
बावन अक्षर संगम का, आप करें विस्तार।।
जीवन सौंपा हिन्दी सेवा, करते निशिदिन जाप।
दिये बधाई जनमदिवस की, बने दीर्घायु आप।।
पग- पग नित चलते राहों पर, धधके ज्वाला आग।
है दिल्ली पथ चालन करते, उड़ता हिन्दी फाग।।
कठिन तपस्या में खड़े सदा, बढ़ती भाषा ताप।
दिये बधाई जनमदिवस की, बने दीर्घायु आप।।
करें कामना भगवन मेरे, मिले सदा सम्मान।
हिन्दी सरिता संगम होती, बनी रहे ये शान।।
जिसने अपनी भाषा समझा, प्रेरक संगम आप।
दिये बधाई जनमदिवस की, बने दीर्घायु आप।।
सिद्धेश्वरी सराफ ‘शीलू ‘













