
कोई नहीं है अपना रे बाबू कोई नहीं है अपना
माँ बाप भाई बहन सब बीवी बच्चे हैं एक सपना
धन दौलत के पूजारी है वो बस इतनी ध्यान रखना
माँ बाप भाई बहन सब बीवी बच्चे हैं एक सपना
करके मोहब्बत उनसे हम तो बगावत मोल ले लिया है
बस यही हरकत देखकर मेरा उसने मुझकों तोल लिया है
कभी है हंसाते कभी है रूलाते कभी देते हैं दर्द यातना
माँ बाप भाई बहन सब बीवी बच्चे हैं एक सपना
कहने को सब है अपना लेकिन अपना यहाँ कोई नहीं
भाई बहन क्या बीवी बच्चा मदद करने को तो कोई नहीं
कल तक जो खुश रहता था आज भूल गया हूँ मैं हंसना
माँ बाप भाई बहन सब बीवी बच्चे हैं एक सपना
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,









