
एक बात बोलूं बाबू,जितना हो सके उतना समय आप किताबों में बिताया करों
क्योंकि किताबों के साथ बिताया गया समय कभी व्यर्थ नही होतें हैं
क्योंकि जितना समय बिताओगे समझों आप उतना ही निवेश कर रहे हो
क्योंकि मालूम तो तब पड़ता है इंसान को जब नौकरी का खत हाथ में आता है
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,













