
विधा कविता।
जिस घर में बड़ों का सम्मान नहीं होता
उस घर के बच्चे कभी होनहार नहीं होता
पढ लो चाहे कितना भी स्कूल कॉलेज
फिर भी कभी नहीं आएगा उनको नौलेंज
क्योंकि जिस घर में बड़ों का सम्मान होता
समझों उस में स्वयं भगवान का बास होता
हर मुश्किल वहां आसान हो जाता है
जहां बड़े बड़ों का आशीर्वाद होता है
क्योंकि बड़ों के आशीर्वाद से ही
बच्चों को कामयाबी मिलती है
वरना बड़ों के आशीर्वाद के बिना
बच्चे कभी आगे नहीं बढ पाता है
बस इतनी सी बात है जो हर किसीको
अपने जीवन में उतार लेना चाहिए
चन्दे पासवान उर्फ अलबेला जी मधुबनी बिहार से,












